रूस भारत को Su-57 स्टेल्थ फाइटर देने को तैयार, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पर भी हरी झंडी

Nov 19, 2025 - 17:44
Nov 19, 2025 - 17:45
रूस भारत को Su-57 स्टेल्थ फाइटर देने को तैयार, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पर भी हरी झंडी
रूस, भारत को Su-57 स्टेल्थ फाइटर जेट्स देने के लिए तैयार हो गया है। दुबई एयर शो में रूसी कंपनी रॉस्टेक के CEO सेर्गेई केमेजोव ने कहा कि वे इन फाइटर जेट्स की तकनीक भी बिना शर्त ट्रांसफर करेंगे। रूसी Su-57 जेट्स को अमेरिका के F-35 का तोड़ माना जाता है। Su-57 की तरह F-35 भी 5वीं जेनरेशन का लड़ाकू विमान है। अमेरिका लंबे समय से भारत को F-35 बेचना चाह रहा है।
रूस से यह आश्वासन ऐसे समय आया है जब भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में मॉस्को में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की है। पुतिन अगले महीने भारत आने वाले हैं।
CEO सर्गेई चेमेज़ोव ने कहा कि भारत और रूस दशकों से भरोसेमंद डिफेंस पार्टनर रहे हैं। जब भारत पर इंटरनेशनल बैन लगे थे, तब भी रूस भारत की सिक्योरिटी के लिए हथियार सप्लाई करता रहा।

उन्होंने कहा, "हम आज भी यही पॉलिसी अपना रहे हैं। हम भारत को उसकी ज़रूरतों के हिसाब से सभी तरह के मिलिट्री इक्विपमेंट सप्लाई कर रहे हैं और भविष्य में सहयोग को और मज़बूत कर रहे हैं।"
रूस का कहना है कि Su-57 टेक्नोलॉजी पर कोई रोक नहीं होगी। इसमें इंजन, रडार, स्टेल्थ टेक्नोलॉजी और मॉडर्न हथियारों की जानकारी शामिल है। रूस ने यह भी कहा कि अगर भारत चाहे तो Su-57 को भारत में बनाया जा सकता है।

रूस ने भारत के साथ टू-सीटर Su-57 डेवलप करने के लिए जॉइंट प्लानिंग का भी प्रस्ताव दिया है। उनका कहना है कि यह भारत में बिना किसी विदेशी बैन की चिंता के किया जा सकता है।
रूस दशकों से भारत का बड़ा मिलिट्री सप्लायर रहा है। फाइटर जेट और सबमरीन से लेकर मिसाइल सिस्टम और हेलीकॉप्टर तक, रूस भारत को इक्विपमेंट से लेकर हर चीज़ देता रहा है।