राष्ट्रीय भवन में Vladimir Putin को 21 तोपों की सलामी

Dec 5, 2025 - 12:47
Dec 5, 2025 - 12:48
राष्ट्रीय भवन में Vladimir Putin को 21 तोपों की सलामी

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को भारत के दिन भर के आधिकारिक दौरे पर दिल्ली पहुंचे। जैसे ही उनका विमान दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा, उनका भव्य स्वागत शुरू हो गया। राष्ट्रपति भवन में उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गई। इसके बाद तीनों सेनाओं (थलसेना, वायुसेना और नौसेना) के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। बैंड ने रूस और भारत दोनों के राष्ट्रगान बजाए।

इसके बाद पुतिन का काफिला सीधे राजघाट पहुंचा। वहां उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर फूल चढ़ाए, दो मिनट का मौन रखा और श्रद्धांजलि दी। गेस्ट बुक में उन्होंने रूसी भाषा में कुछ लिखा और हस्ताक्षर किए। राजघाट से निकलते वक्त उन्होंने हाथ हिलाकर वहां मौजूद लोगों का अभिवादन भी स्वीकार किया।

राजघाट के बाद पुतिन का काफिला हैदराबाद हाउस पहुंचा। वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले से उनका इंतज़ार कर रहे थे। दोनों नेताओं ने गले मिलकर एक-दूसरे का स्वागत किया और फिर फोटो खिंचवाई। इसके बाद दोनों नेता अंदर गए और पहले एकांत में (वन-टू-वन) बातचीत शुरू की। यह बातचीत करीब एक घंटे तक चली। उसके बाद बड़ी प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक शुरू हुई। यह बैठक 23वीं भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन (23rd India-Russia Annual Summit) का मुख्य हिस्सा थी।

इस सम्मेलन में दोनों देशों के बीच 25 से ज्यादा समझौतों और करारों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। इनमें रक्षा, परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष, व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी, तेल-गैस और लोगों के बीच संपर्क जैसे कई अहम क्षेत्र शामिल हैं। खासकर रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर जोर रहेगा। दोनों देश कुडनकुलम न्यूक्लियर प्लांट के बाकी यूनिट्स को जल्द पूरा करने और भविष्य में और न्यूक्लियर प्लांट बनाने पर भी बात कर रहे हैं।

बैठक से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज के वैश्विक हालात में तटस्थ (neutral) नहीं रह सकता। उन्होंने कहा, “हम सबको शांति के रास्ते पर चलना होगा। भारत का अपना पक्ष है, हम न्यूट्रल नहीं रह सकते। हम शांति की हर कोशिश के साथ खड़े हैं।” मोदी ने पुतिन की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने दूरदर्शी नेतृत्व की मिसाल पेश की है। यह बात ज्यादातर लोग यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में समझ रहे हैं, क्योंकि रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव अभी भी बहुत है, और भारत ने हमेशा शांति की अपील की है, लेकिन रूस के साथ अपने पुराने रणनीतिक रिश्ते को भी बनाए रखा है।

हैदराबाद हाउस को इस मौके के लिए खूबसूरती से सजाया गया था। बाहर फूलों की मालाएं और दोनों देशों के झंडे लगे थे। अंदर बैठक कक्ष में भी फूलों से सजावट की गई थी। दोनों नेताओं के बीच बातचीत बहुत गर्म और दोस्ताना माहौल में हो रही थी। यह दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि कोरोना के बाद पुतिन का यह पहला भारत दौरा है और पिछले कुछ साल में दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय मुलाकातें कम हुई थीं।

कुल मिलाकर आज का दिन भारत-रूस की पचास-साठ साल पुरानी दोस्ती को एक बार फिर मजबूत करने वाला दिन साबित हुआ। दोनों देश एक-दूसरे को “स्पेशल एंड प्रिविलेज्ड स्ट्रैटेजिक पार्टनर” मानते हैं और आने वाले सालों में भी यह रिश्ता और गहरा होता दिख रहा है। शाम को पुतिन की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात होगी और उसके बाद वह वापस मॉस्को रवाना हो जाएंगे।