महाकुंभ में भगदड़ पर बड़ा अपडेट, अब तक 35 से 40 मौतों की अपुष्ट जानकारी, आंकड़ा बढ़ने की भी आशंका, हादसे की दो वजह भी जान लीजिये
मेला प्रशासन या यूपी सरकार ने भी अभी तक मौतों और घायलों की संख्या पर कोई अपडेट नहीं दिया है. मेले में अभी भी 9 करोड़ से ज्यादा लोग मौजूद हैं.
महाकुंभ में भगदड़ पर बड़ा अपडेट, अब तक 35 से 40 की मौतों की अपुष्ट रिपोर्ट, आंकड़ा बढ़ने की भी आशंका, मेले में अभी भी 9 करोड़ से ज्यादा लोग मौजूद, हादसे की दो वजह भी जान लीजिये
संगम नोज पर मची भगदड़ में अब तक 35 से 40 लोगों की मौत होने की अपुष्ट रिपोर्ट मिली है जबकि 70 से ज्यादा श्रद्धालु घायल बताये जा रहे हैं. आशंका जताई जा रही है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है. टॉप सीक्रेट की टीम इन मौतों और घायलों की संख्या की पुष्टि नहीं करती है. मौतों और घायलों का ये आकंड़ा चश्मदीदों के बयान और अस्पताल से रिपोर्ट के आधार पर बताया गया है. उधर मेला प्रशासन या यूपी सरकार ने भी अभी तक मौतों और घायलों की संख्या पर 16 घंटे बाद भी कोई अपडेट नहीं दिया है.
अब आपको हादसे की पहली वजह बताते है. भगदड़ के वक्त संगम नोज पर मौजूद चश्मदीदों ने बताया कि मौनी अमावस्या पर होने वाले अमृत स्नान की वजह से अधिकतर पांटून पुल बंद कर दिए गए थे. इस वजह से संगम की तरफ पहुंचने के लिए करोड़ों श्रद्धालु एकत्र होते चले गए. तभी वहां भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लगाए गए बैरिकेड्स में फंसकर कुछ श्रद्धालु गिर गए, उन लोगों को फंसा देखकर किसी ने भगदड़ की अफवाह फैला दी जो अचानक से पूरे संगम नोज में फ़ैल गई और चारों तरफ अफरातफरी मच गई.
हादसे की दूसरी वजह संगम नोज पर आने और जाने का रास्ता एक ही था, मतलब श्रद्धालु जिस रास्ते से आ रहे थे, उसी रास्ते से वापस भी जा रहे थे. इसलिए जब भगदड़ की अफवाह फैली तो लोगों को सुरक्षित भागने का समय और मौका नहीं मिला और श्रद्धालु एक-दूसरे के ऊपर गिरते चले गए. महाकुंभ में आज मौनी अमावस्या का स्नान चल रहा है, जिसकी वजह से करीब 9 करोड़ श्रद्धालुओं के प्रयागराज में होने का अनुमान जताया जा रहा है.