इंडिगो में हो रही देरी से बौखलाए पैसेंजर्स से सोनू सूद ने शांति की अपील की
पिछले चार दिन इंडिगो के लिए अच्छे नहीं गुज़रे। 2,000 से अधिक फ्लाइट रद्द हुई हैं। अंजाम ये हुआ कि देश भर के अलग-अलग एयरपोर्ट्स पर पैसेंजर काफी पैनिक और परेशान नजर आ रहे हैं।
इसी बीच सोशल मीडिया पर लोगों के कई ऐसे वीडियो सामने आ रहे हैं, जिनमें वो ग्राउंड स्टाफ से लड़ते-भिड़ते दिख रहे हैं। माहौल को देखते हुए एक्टर सोनू सूद और एक्टर कॉमेडियन वीर दास ने लोगों से अपील की है कि वो एयरलाइन के फ्रंटलाइन कर्मचारियों पर अपना गुस्सा न निकालें।
इस प्रयास में शनिवार को वीर ने एक्स के माध्यम से पैसेंजर्स से रिक्वेस्ट किया कि वे अपनी भड़ास ग्राउंड स्टाफ पर न निकालें। उन्होंने सुझाव दिया कि गुस्साए पैसेंजर्स को हैंडल करने के लिए काउंटर पर फ्रंटलाइन कर्मचारियों के बजाए सीनियर मैनेजमेंट को आना चाहिए।
वीर अपने एक्स पोस्ट में लिखते हैं , ‘क्या उचित होगा? इंडिगो के पूरे सीनियर मैनेजमेंट को एयरपोर्ट पर शिफ्ट में तैनात किया जाना चाहिए। सीईओ से लेकर वीपी और ऐसे ही बाकी के डिसीजन मेकर्स। बिना बिजली के डरे हुए जूनियर कर्मचारियों, केबिन क्रू और ग्राउंड स्टाफ को चीखने-चिल्लाने से निपटने के लिए छोड़ दिया गया है।’
दसूरी ओर सोनू सूद ने सोशल मीडिया पर 2 मिनट का एक वीडियो मैसेज शेयर किया है। जिसमें उन्होंने सभी पैसेंजर्स से धैर्य रखने की अपील की और उन्हें याद दिलाया कि ऐसी स्थिति में ग्राउंड स्टाफ के हाथों में कुछ नहीं होता।
सोनू को वीडियो में साफ़ कहते हुए सुना जा सकता है कि, ‘दो-तीन दिन से इंडिगो की फ्लाइट में आम लोगों को तकलीफ हुई है, उनके लिए एक छोटा सा मैसेज है। मेरा खुद का परिवार ट्रैवल कर रहा था, उन्हें 4-5 घंटे इंतज़ार करना पड़ा। फिर फ्लाइट उड़ी और वो पहुंच भी गए। बहुत सारी फ्लाइट नहीं उड़ी और कैंसिल हुईं। लोग शादियां नहीं अटेंड कर पाए, मीटिंग कैंसिल हुईं, इवेंट्स कैंसिल हुए। बहुत तकलीफ हुईं। जो दुख की बात देखने को मिली, वो ये है कि लोग ग्राउंड स्टाफ पर कैसे चिल्ला रहे थे।
मैं जानता हूं कि फ्रस्ट्रेशन होती है, दुख होता है और आप अपना गुस्सा निकालते हो। लेकिन आप खुद को उनकी जगह रखकर देखिए। जो खुद बेबस हैं, उन्हें नहीं पता कि आगे क्या शेड्यूल हैं। फ्लाइट्स उड़ेंगी भी या नहीं। उन्हें ऊपर से जो मैसेज आते हैं, वो आप तक बस पास करते हैं।’
वो आगे कहते हैं-’लोगों ने जिस तरह से रिएक्ट किया, जिस तरह से लड़ाई-झगड़े हो रहे थे, ये बहुत दुखद है। ये वो स्टाफ है, जो हम लोगों का ध्यान रखता है। हमेशा उन सबके चेहरे पर स्माइल रहती है। ऐसे में जब उन पर मुसीबत आई है तो हमें उनका साथ देना चाहिए। ये उनकी गलती नहीं है। बहुत सारे सिस्टम के प्रॉब्लम की वजह से ये सिचुएशन आई है।
एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर हमारी कोशिश होनी चाहिए कि हम उन पर रिएक्ट ना करें। क्योंकि वो इस वक्त असहाय हैं और उनके पास कोई जवाब नहीं है। प्लीज अपने गुस्से को कंट्रोल कीजिए। वो भी अपनी ड्यूटी निभाने घर से बाहर निकलने हैं और हमारी ड्यूटी बनती है कि हम उनसे वैसे ही मुस्कुरा कर मिले, जैसे वो लोग हमसे मिलते हैं।’
वहीं, गीताकर और सिंगर स्वानंद किरकिरे ने नुकसान की भरपाई की मांग करते हुए लिखा- ‘माफी काफी नहीं है। डैमेज का भुगतान करें।’