ISI का प्लान 'ताजिकिस्तान', खतरे में अफगानिस्तान!

पाकिस्तान में मौजूद टॉप सीक्रेट के सूत्रों ने ISI चीफ के ताजिकिस्तान दौरा का मकसद बताया

Jan 5, 2025 - 16:31
Jan 5, 2025 - 16:47
ISI का प्लान 'ताजिकिस्तान', खतरे में अफगानिस्तान!

पाकिस्‍तान और तालिबान के बीच डुरंड लाइन पर तनाव अपने शीर्ष पर है. TTP पर पाकिस्‍तानी सेना की एयर स्ट्राइक के बाद तालिबान ने भी हमला करके कई पाकिस्‍तानी सैनिकों को मारने और कई चेक पोस्ट पर कब्ज़ा करने का दावा किया है. पाकिस्‍तान और तालिबान में युद्ध जैसे हालात के बीच अचानक से ISI चीफ ने ताजिकिस्‍तान की यात्रा की है. 

ताजिकिस्तान दौरे पर गए थे ISI चीफ
तालिबान के साथ लगातार बढ़ते तनाव के बीच अब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान को लेकर नया प्लान बनाया है.पाकिस्तान में मौजूद टॉप सीक्रेट सूत्रों ने बताया है कि पाकिस्तान खुफिया एजेंसी ISI के चीफ असीम मलिक ने अपने ताजिकिस्तान दौरे में अफगानिस्तान के भीतर एक बार फिर से गृहयुद्ध कराने का प्लान लेकर पहुंचे थे. इस दौरे में जनरल असीम मलिक की मुलाकात ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमान से भी हुई. आपको अगर याद नहीं है दो बता दूं कि ताजिकिस्तान तालिबान का घोर विरोधी है तभी ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमान ने तालिबान की वापसी का खुलकर विरोध किया था. 

तालिबान को घर में घेरने का रावलपिंडी प्लान!
टॉप सीक्रेट को पाकिस्तानी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आईएसआई चीफ की यात्रा का मकसद ताजिकिस्तान में बैठे तालिबान विरोधी अफगान नेताओं से संपर्क बढ़ाना था. खबर है पाकिस्तान ईरान, ताजिकिस्तान और यूरोप में शरण पाए तालिबान विरोधी नेताओं के साथ संपर्क में है. ऐसे में माना जा रहा है कि पाकिस्तान की योजना ताजिकिस्तान के साथ मिलकर तालिबान को घेरने की है. 

दुश्मन से दोस्ती करना चाहता है पाकिस्तान 
तालिबान में अपने प्लान को पूरा करने के लिए पाकिस्तान की नजर अफगानिस्तान के नेशनल रेजिस्टेंस फ्रंट ऑफ अफगानिस्तान पर है. तालिबान के धुर विरोधी इस संगठन के नेता अहमद मसूद है और दावा है कि वो तालिबान की वापसी के समय अफगानिस्तान से भाग कर ताजिकिस्तान चले गए थे और अभी भी वही है. अहमद मसूद सीनियर अफगान कमांडर रहे अहमद शाह मसूद के लड़के हैं, अहमद शाह मसूद की हत्या तालिबान हुकूमत के दौरान 2001 में अलकायदा ने कर दी थी। अहमद शाह मसूद के समय में तालिबान कभी भी अफगानिस्तान की पंजशीर घाटी पर कब्जा नहीं कर पाया था. एक समय NRF से पाकिस्तान की दुश्मनी जग जाहिर थी लेकिन अब अपने फायदे के लिए पाकिस्तान इसी NRF से दोस्ती करने की फ़िराक में हैं.