सदन में पीएम मोदी ने पूर्व पीएम नेहरू के मंशा पर उठाए सवाल
प्रधानमंत्री ने सोमवार को लोकसभा में वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर हुई चर्चा की शुरुआत की। पीएम ने एक घंटे की स्पीच में कहा “वंदे मातरम् अंग्रेजों को करारा जवाब था, ये नारा आज भी प्रेरणा दे रहा है। आजादी के समय महात्मा गांधी को भी यह पसंद था। उन्हें यह गीत राष्ट्रीय गान के रूप में दिखता था।”
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “गांधी जी के लिए इस गीत की ताकत बड़ी थी। फिर पिछले कुछ दशकों में इसके साथ इतना अन्याय क्यों हुआ। वंदे मातरम् के साथ विश्वासघात क्यों हुआ। वो कौन सी ताक़तें थी, जिसकी इच्छा पूज्य बापू की भावनाओं पर भी इतनी भारी पड़ी।
उन्होंने आगे कहा, “मोहम्मद अली जिन्ना ने लखनऊ से 15 अक्टूबर 1936 को वंदे मातरम् के खिलाफ आवाज उठाया था। कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू को अपना सिंहासन डोलता दिखा। बजाय इसके कि नेहरू मुस्लिम लीग के आधारहीन बयानों को करारा जबाब देते, उसकी निंदा करते, लेकिन उल्टा हुआ। उन्होंने वंदे मातरम् की ही पड़ताल शुरू कर दी।”
संसद के शीतकालीन सत्र के छठे दिन सोमवार को लोकसभा में वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर चर्चा हुई है। इसके लिए 10 घंटे का समय भी तय किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोपहर 12 बजे इस चर्चा की शुरुआत की। वहीं, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की तरफ से लोकसभा में उपनेता प्रतिपक्ष गौरव गोगोई ने सबसे पहले अपनी बात रखी।
2 दिसंबर को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सभी दलों के प्रतिनिधियों की मीटिंग बुलाई थी। इसमें तय किया गया था कि वंदे मातरम् को लेकर 8 दिसंबर को लोकसभा और 9 दिसंबर को राज्यसभा में इसकी चर्चा होगी।