बंदूक चलाने वाली मनु भाकर ने दागा IIM रोहतक पर निशाना
मनु भाकर अब IIM रोहतक की स्टूडेंट बन गई है, वही मनु भाकर जो पेरिस ओलिंपिक 2024 में दो-दो कांस्य पदक जीतकर पूरे देश का सीना चौड़ा कर आई थी। अब वो रोहतक वाले इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स मैनेजमेंट करने जा रही है। खास बात ये है कि उन्होंने आगे की पढ़ाई भी खेल की दुनिया से ही जोड़कर रखी है, ताकि भविष्य में स्पोर्ट्स बिजनेस को समझकर कुछ बड़ा कर सके।
मनु मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले के छोटे से गांव गोरिया की हैं। स्कूलिंग उन्होंने अपने चाचा के यूनिवर्सल पब्लिक स्कूल से की। इसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्री राम कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स पूरा किया। मतलब शूटिंग के साथ-साथ पढ़ाई में भी कभी पीछे नहीं रही।
2 नवंबर को उन्होंने IIM रोहतक में अप्लाई किया, 16 नवंबर को टेस्ट और इंटरव्यू दिया। टेस्ट में स्पोर्ट्स से जुड़े सवालों के अलावा वर्बल, क्वांट, लॉजिकल रीजनिंग सब था। परफॉर्मेंस इतनी शानदार रही कि 1 दिसंबर को ही एडमिशन पूरा हो गया। इस बार ये कोर्स का सातवां बैच है।
मनु के परिवार वाले तो फूले नहीं समा रहे। पापा रामकिशन भाकर कहते हैं, “मनु शुरू से पढ़ाई का बहुत शौकीन है। हमने कभी दबाव नहीं डाला, जो मन में आया वो किया। LSR कॉलेज भी इसलिए चुना था क्योंकि वो लड़कियों का कॉलेज है, वहाँ कोई दिक्कत नहीं होती। मास्टर्स का सब्जेक्ट भी खुद ही पसंद किया था। अब स्पोर्ट्स मैनेजमेंट इसलिए चुना क्योंकि खेल के बाद इसी फील्ड में कुछ करना चाहती है।”
मम्मी सुमेधा भावुक हो कर कहती हैं कि, “भगवान सबको ऐसी बेटी दे। कभी प्रेशर नहीं डाला, कभी गलत रास्ता नहीं चुना। आज देश का नाम रोशन कर रही है। अभी भी उसका पूरा फोकस प्रैक्टिस पर है, पढ़ाई साइड में साथ-साथ चल रही है।”
भाई अखिल, जो खुद दिल्ली यूनिवर्सिटी से लॉ कर रहे हैं, हँसते हुए बताते हैं, “दीदी ने पूरे देश की यूनिवर्सिटी खंगाल डालीं, कहीं और ये कोर्स मिला ही नहीं। आखिर में रोहतक IIM ही बेस्ट लगा। घर के इतने पास भी है”
फिलहाल मनु की नजर 2027-28 में भारत में होने वाले ISSF शूटिंग वर्ल्ड कप और जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप पर टिकी है। दोनों इवेंट नई दिल्ली में होंगे, राइफल, पिस्टल और शॉटगन सब कैटेगरी में। तैयारी जोर-शोर से चल रही है।
17 जनवरी 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी ने उसे खेल रत्न से नवाजा था। दो ओलिंपिक ब्रॉन्ज, खेल रत्न, अब IIM की स्टूडेंट सब कुछ 23 साल की उम्र में।
अब वो बंदूक भी चलाएगी और एक दिन स्पोर्ट्स इंडस्ट्री को नई दिशा भी दिखाएगी। रेंज पर गोली चलाने वाली उंगलियाँ अब बिजनेस की किताबें भी पलटेंगी। आने वाला वक्त मनु का है, और मनु जैसों का है।