भारत की दो बेटियाँ 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में साधेंगी निशाना
हरियाणा की दो होनहार बेटियाँ आज से दोहा (कतर) में चल रहे ISSF शूटिंग वर्ल्ड कप में भारत का नाम रोशन करने उतर रही हैं। ये दोनों शूटर्स हैं – झज्जर की मनु भाकर और सासरोली गांव की सुरुचि फोगाट। दोनों से देश को पदक की, खासकर स्वर्ण पदक की बड़ी उम्मीदें हैं। यह वर्ल्ड कप 9 दिसंबर तक चलेगा और आज यानी 6 दिसंबर को 10 मीटर एयर पिस्टल महिला वर्ग का क्वालिफिकेशन और फाइनल दोनों ही हैं। इसी इवेंट में मनु भाकर और सुरुचि फोगाट भारत की तरफ से निशाना लगाएंगी।
मनु भाकर तो देश-दुनिया में मशहूर नाम हैं। वे दो बार ओलंपिक में कांस्य पदक जीत चुकी हैं – पेरिस ओलंपिक 2024 में उन्होंने व्यक्तिगत और मिक्स्ड टीम दोनों में ब्रॉन्ज अपने नाम किया था। खेल रत्न अवार्ड से सम्मानित मनु इस वर्ल्ड कप में दो इवेंट खेल रही हैं – 10 मीटर एयर पिस्टल और 25 मीटर पिस्टल। भारतीय टीम में सिर्फ मनु भाकर ही ऐसी शूटर हैं जिन्हें दो इवेंट में खेलने का मौका मिला है। मौजूदा ISSF रैंकिंग में वे टॉप-10 में बनी हुई हैं।
दूसरी तरफ हरियाणा के झज्जर जिले के छोटे से गाँव सासरोली की 19 साल की सुरुचि फोगाट ने पिछले एक-डेढ़ साल में कमाल कर दिया है। इस साल मई-जून में म्यूनिख वर्ल्ड कप में उन्होंने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड जीता था और लगातार तीन वर्ल्ड कप गोल्ड जीतकर हैट्रिक पूरी की थी। उस वक्त वे दुनिया की नंबर-1 शूटर बन गई थीं। अभी 1 दिसंबर 2025 की ताज़ा रैंकिंग में वे नंबर-2 पर हैं। इतनी कम उम्र में यह उपलब्धि सचमुच गजब की है।
सुरुचि का सफर भी बहुत प्रेरणादायक है। उनका जन्म 28 अप्रैल 2006 को हुआ। उनके पिता इंदर सिंह फोगाट भारतीय सेना से हवलदार के पद से रिटायर हुए हैं। गाँव में कुश्ती का माहौल है, इसलिए पिता जी चाहते थे कि बेटी पहलवान बने। जब सुरुचि 12-13 साल की थीं, तब उन्होंने अखाड़े में दाखिला भी ले लिया। लेकिन तकदीर को कुछ और ही मंजूर था। कुश्ती की प्रैक्टिस के दौरान एक बार उनका कंधा फ्रैक्चर हो गया, जिसके बाद डॉक्टरों ने साफ कह दिया कि अब भारी-भरकम खेल नहीं कर सकतीं। बस यहीं से उनकी जिंदगी की दिशा बदल गई।
पिता ने हार नहीं मानी। उन्होंने बेटी को भिवानी की मशहूर गुरु द्रोणाचार्य शूटिंग अकादमी में कोच सुरेश सिंह के पास भेज दिया। वहाँ से सुरुचि ने निशानेबाजी की बारीकियाँ सीखीं और देखते-देखते राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छा गईं। आज वही बेटी विश्व की दूसरी सबसे बेहतरीन 10 मीटर एयर पिस्टल शूटर है।
सुरुचि के पिता इंदर सिंह फोगाट बहुत खुश हैं और उनको पूरा यकीन है कि आज का मुकाबला उनकी बेटी गोल्ड जीतेगी। वे कहते हैं, “बेटी ने बहुत मेहनत की है, उसका फोकस और आत्मविश्वास जबरदस्त है। हम सब गाँव वाले और पूरा परिवार दुआएँ कर रहा है।”
दोनों शूटर्स हरियाणा की शान हैं और खास बात यह है कि दोनों झज्जर जिले से हैं। एक तरफ मनु भाकर का अनुभव है, ओलंपिक मेडल का दबाव झेलने की आदत है, दूसरी तरफ सुरुचि फोगाट की जवानी, बेफिक्री और लगातार चढ़ते ग्राफ का जोश है। दोनों के साथ होने से भारत की पदक की संभावना कई गुना बढ़ गई है।
आज शाम तक यह साफ हो जाएगा कि 10 मीटर एयर पिस्टल का फाइनल पोडियम पर भारत का तिरंगा कितनी बार लहराएगा। पूरे देश की निगाहें मनु भाकर और सुरुचि फोगाट पर टिकी हैं। हरियाणा की इन दो बेटियों ने पहले भी कई बार साबित किया है कि अगर मौका मिले तो वे कुछ भी कर सकती हैं।