Shashi Tharoor On Ilegal Migrants: अवैध प्रवासियों पर सरकार की कार्रवाई का शशि थरूर ने किया समर्थन

Dec 25, 2025 - 20:28
Dec 26, 2025 - 21:15
Shashi Tharoor On Ilegal Migrants: अवैध प्रवासियों पर सरकार की कार्रवाई का शशि थरूर ने किया समर्थन

Shashi Tharoor On Ilegal Migrants: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने गुरुवार को देश में अवैध रूप से रह रहे लोगों (अवैध प्रवासियों) के खिलाफ सरकार की कार्रवाई का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं को सुरक्षित रखना और इमिग्रेशन सिस्टम को ठीक से मैनेज करना सरकार की ज़िम्मेदारी है। थरूर ने कहा कि अगर भारत में घुसपैठ होती है या अगर लोग वीज़ा खत्म होने के बाद भी रह रहे हैं, तो यह सिस्टम की नाकामी और सीमा और इमिग्रेशन कंट्रोल में कमियों को दिखाता है। सरकार को कानून के तहत अवैध रूप से रहने वालों को निकालने का पूरा अधिकार है। कांग्रेस सांसद ने कहा, "अगर लोग देश में अवैध रूप से घुस रहे हैं, तो क्या यह हमारी नाकामी नहीं है? इसलिए, सरकार को सीमाओं पर ज़्यादा सतर्क रहना चाहिए। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का सरकार को पूरा अधिकार है।"

थरूर ने कहा: शेख हसीना को भारत में रहने देना सही फैसला था

कांग्रेस सांसद ने कहा कि हालांकि कानून का पालन करना ज़रूरी है, लेकिन बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भारत में रहने देने का फैसला एक मानवीय दृष्टिकोण दिखाता है। उन्होंने समझाया कि उन्हें ज़बरदस्ती वापस न भेजना सही कदम था क्योंकि भारत के साथ उनके लंबे समय से भरोसेमंद रिश्ते हैं।

देश से निकालने या प्रत्यर्पण के फैसले आसान नहीं होते, क्योंकि इनमें कई कानूनी नियम, अंतर्राष्ट्रीय समझौते और अपवाद शामिल होते हैं।

बहुत कम लोग इन कानूनी बारीकियों और अंतर्राष्ट्रीय समझौतों को पूरी तरह समझते हैं, इसलिए सरकार को ऐसे मामलों में सोच-समझकर फैसले लेने का अधिकार दिया जाना चाहिए।

कानूनी मामलों की जांच के दौरान किसी को सुरक्षा देना एक सही और ज़िम्मेदार कदम है। भारत एक अच्छे दोस्त की मेहमाननवाज़ी कर रहा है, इसलिए सरकार को पूरी जांच होने तक उन्हें सुरक्षित रहने देना चाहिए।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर पिछले कुछ महीनों से पार्टी की आधिकारिक लाइन से हटकर बयान देने के लिए सुर्खियों में रहे हैं। उनके हालिया बयानों में केंद्र सरकार की विदेश नीति और विपक्ष शासित कुछ राज्यों की नीतियों की तारीफ करना शामिल है, जिससे पार्टी नेतृत्व कई बार असहज हुआ है।

30 नवंबर को सोनिया गांधी की अध्यक्षता में संसद के शीतकालीन सत्र को लेकर एक बैठक हुई थी। थरूर कांग्रेस के इस महत्वपूर्ण रणनीतिक समूह की बैठक में शामिल नहीं हुए थे।

4 नवंबर - भारत में राजनीति: एक पारिवारिक व्यवसाय

4 नवंबर को शशि थरूर ने एक लेख में भारत में वंशवादी राजनीति की आलोचना करते हुए कहा, "भारत में राजनीति एक पारिवारिक व्यवसाय बन गई है। जब तक राजनीति परिवारों के इर्द-गिर्द घूमती रहेगी, लोकतांत्रिक सरकार का असली मतलब हासिल नहीं किया जा सकता।" थरूर ने लिखा, "अब भारत को वंशवादी राजनीति छोड़कर योग्यता पर आधारित सिस्टम अपनाना चाहिए। इसके लिए कुछ बुनियादी सुधारों की ज़रूरत है, जैसे कानूनी तौर पर तय कार्यकाल की सीमा, पार्टी के अंदर चुनाव और वोटर एजुकेशन।"

6 सितंबर - थरूर ने PM के नए अंदाज़ का स्वागत किया

थरूर ने भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ को लेकर बढ़ते विवाद के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाब की तारीफ़ की। केरल के तिरुवनंतपुरम में न्यूज़ एजेंसी ANI से बात करते हुए थरूर ने कहा, "मैं सावधानी से इस नए अंदाज़ का स्वागत करता हूं।"