इंडिगो एयरलाइंस में जारी गड़बड़ी पर सरकार का बड़ा निर्देश
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की मुश्किलें लगातार पांचवें दिन भी कम नहीं हो रही हैं। शनिवार को भी हालात जस के तस बने हुए हैं। न्यूज़ एजेंसी PTI के अनुसार, आज फिर इंडिगो ने 400 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी हैं। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई जैसे बड़े एयरपोर्ट्स के अलावा कई अन्य शहरों से भी उसकी फ्लाइट्स कैंसिल हुई हैं।
पिछले चार-पांच दिनों में इंडिगो की कुल 2000 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो चुकी हैं और हर दिन औसतन 500 के करीब फ्लाइट्स देरी से चल रही हैं। एयरपोर्ट्स पर रात-रात भर यात्री परेशान होते दिखे – कोई अपनी फ्लाइट का इंतज़ार करता मिला, कोई सामान के लिए लाइन में लगा रहा। पूरी तरह अफरा-तफरी का माहौल है।
इसी बीच नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने इंडिगो को सख्त निर्देश दिया है कि वह तुरंत सभी लंबित रिफंड प्रोसेस कर दे। सारे पैसे यात्रियों के खाते में रविवार 7 दिसंबर की रात 8 बजे तक वापस आने चाहिए। अगर कोई यात्री फ्लाइट कैंसिल होने की वजह से अपनी यात्रा दोबारा बुक कराना चाहता है, तो उससे री-शेड्यूलिंग या कोई दूसरा चार्ज नहीं लिया जाए। मंत्रालय ने साफ कहा है कि रिफंड में देरी हुई या नियमों का उल्लंघन हुआ तो तुरंत कार्रवाई होगी।
सरकार ने कुछ दिन पहले ही हवाई किराए पर ऊपरी सीमा (price cap) लगा दी थी, ताकि बाकी एयरलाइंस मौके का फायदा उठाकर मनमाने दाम न वसूलें। यह सीमा तब तक लागू रहेगी जब तक इंडिगो का संकट पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता। सभी एयरलाइंस को इसकी सख्ती से पालना करने को कहा गया है।
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने भी इंडिगो पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियम 1 नवंबर से पूरे देश में लागू हैं, लेकिन किसी दूसरी एयरलाइन को कोई दिक्कत नहीं आई। सिर्फ इंडिगो ही परेशान है, यानी समस्या इंडिगो की अपनी तैयारी में कमी की है। मंत्री ने साफ कहा कि लापरवाही की जांच होगी और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।
दरअसल पूरा मामला नए FDTL नियमों का है। DGCA ने पायलटों और केबिन क्रू के काम के घंटे और आराम के समय में सख्त बदलाव किए थे ताकि थकान की वजह से कोई हादसा न हो। ये नियम दो हिस्सों में लागू हुए – पहला चरण 1 जुलाई 2025 से और दूसरा चरण 1 नवंबर 2025 से। नए नियमों में पायलटों को ज्यादा आराम और हफ्ते में तय रेस्ट पीरियड अनिवार्य कर दिया गया।
इंडिगो के पास पहले से ही पायलटों और क्रू की कमी थी। नए नियम लागू होते ही उसे और ज्यादा स्टाफ की जरूरत पड़ी, लेकिन इतने कम समय में वह इतने लोगों को हायर या ट्रेन नहीं कर पाई। नतीजा यह हुआ कि रोस्टर गड़बड़ा गया, क्रू उपलब्ध नहीं रहा और बड़े स्तर पर फ्लाइट्स कैंसिल करनी पड़ीं।
फिलहाल DGCA ने इंडिगो समेत सभी एयरलाइंस को थोड़ी राहत दी है। 10 फरवरी 2026 तक कुछ पुराने नियमों में छूट रहेगी, खास तौर पर वीकली रेस्ट के मामले में। पहले एक नियम था कि वीकली ऑफ की जगह कोई दूसरी छुट्टी नहीं दी जा सकती, उसे वापस ले लिया गया है। इससे एयरलाइंस को थोड़ा लचीलापन मिलेगा और वे अपने रोस्टर को धीरे-धीरे नए नियमों के हिसाब से ढाल सकेंगी।
कुल मिलाकर यात्रियों के लिए यह बहुत परेशानी भरा समय है। जिन्होंने पहले से टिकट बुक कर रखे हैं, उनकी यात्रा अनिश्चित हो गई है। बहुत से लोग जरूरी काम से जा रहे थे, शादी-ब्याह, इलाज या परीक्षा के लिए, उनके प्लान चौपट हो गए। एयरपोर्ट पर गुस्साए यात्री, लंबी कतारें, और बार-बार अनाउंसमेंट कि फ्लाइट कैंसिल हो गई – यह सिलसिला अभी कुछ और दिन चलता दिख रहा है।
सरकार और DGCA की नजर पूरी तरह इस मामले पर है। इंडिगो से रोज़ाना अपडेट मांगा जा रहा है कि उसने कितनी फ्लाइट्स बहाल कीं, कितने रिफंड किए, कितने नए क्रू हायर किए। उम्मीद यही है कि अगले कुछ दिनों में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो जाएगी, लेकिन अभी यात्रियों को सलाह यही दी जा रही है कि अगर इंडिगो की टिकट है तो बार-बार फ्लाइट स्टेटस चेक करते रहें और वैकल्पिक प्लान भी तैयार रखें।