टेक-ऑफ के 40 मिनट बाद लौटी एअर इंडिया की दिल्ली–मुंबई फ्लाइट, इंजन में आई तकनीकी खराबी
सिविल एविएशन मंत्रालय ने एअर इंडिया से मांगी रिपोर्ट
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एअर इंडिया की फ्लाइट AI-887 की घटना पर एक्शन लिया है, जिसमें टेक-ऑफ के तुरंत बाद तकनीकी खराबी आई थी। मंत्रालय ने एअर इंडिया से एक डिटेल्ड रिपोर्ट मांगी है। साथ ही DGCA को पूरी जांच करने का निर्देश दिया है। मंत्रालय ने एयरलाइन को यात्रियों को हर संभव मदद देने और उन्हें अगली फ्लाइट्स में एडजस्ट करने का निर्देश भी दिया है।
न्यूज एजेंसी PTI ने DGCA से जुड़े सोर्स के आधार पर बताया है कि विमान ने हवा में ही यू-टर्न लिया क्योंकि टेक-ऑफ के बाद फ्लैप रिट्रैक्शन के दौरान फ्लाइट के क्रू ने दाहिने इंजन में ऑयल प्रेशर कम देखा। सूत्र ने यह भी बताया कि पिछले रिकॉर्ड का रीव्यू भी किया गया, लेकिन इसमें तेल की खपत में कोई असामान्य बात सामने नहीं आई है।
ऑइल प्रेशर जीरो होना खतरनाक, लेकिन बचाव संभव
प्लेन के इंजन में ऑइल प्रेशर जीरो होना तकनीकी रूप से बेहद गंभीर स्थिति मानी जाती है, लेकिन इसका मतलब हमेशा तुरंत क्रैश नहीं होता। ऑइल का दबाव खत्म होने पर इंजन के मूविंग पार्ट्स तक लुब्रिकेशन नहीं पहुंच पाता। यह बहुत गंभीर स्थिति होती है, लेकिन कंट्रोल में रहती है। ऑइल प्रेशर जीरो होने पर भी उड़ान जारी रखी जाती है तो इंजन कुछ ही मिनटों में ओवरहीट हो सकता है। अगर ज्यादा देर तक चलाया जाता है तो इंजन फेल हो सकता है। लेकिन आजकल प्लेन एक इंजन पर भी सुरक्षित लैंड कर सकता है। ऐसी कंडीशन में पायलट इंजन पावर कम कर देते हैं या बंद कर देते हैं और नजदीकी एयरपोर्ट पर लैंडिंग कर लेते हैं।